आर डब्लू ए , यमुना एन्क्लेव पार्ट ३ एवं ४।
आर डब्लू ए , यमुना एन्क्लेव पार्ट ३ एवं ४।
बदरपुर मेट्रो स्टेशन से ६ -७ किलोमीटर ,फरीदाबाद बाईपास नहर किनारें वसा एक छोटा -सा कॉलोनी है "यमुना एन्क्लेव पार्ट ३ एबं ४। ऐतिहासिक गांव तिलपत और मबई के मध्य में बसा ये कॉलोनी अपने आप में बेहद सौंदर्य ,सौहार्दपूर्ण एबं अनोखे सामाजिक प्रेम के लिए विख्यात है।
जहाँ ये कॉलोनी आधुनिक सुविधाओ से दूर कच्ची गलियों ,विजली के लिए लकड़ी के खम्भों ,सीवर लाइन जैसे बुनयादी सुविधाओं से वंचित है वहीँ यहाँ के वासी एक दिव्य सकारात्मक ऊर्जा से परिलिप्त ,प्रेमातुर होकर सामाजिक कार्य के लिए तत्पर रहते हैं ।
मैं किंगकर्तव्यबिमूढ़ हूँ कि कहाँ से लिखना आरम्भ करूँ । चलिए मैं नगर निगम पार्षद श्री बिजेंद्र शर्मा जी से ही प्रारम्भ करता हूँ ,आपने नेता तो बहुत देखा होगा ,सुना होगा ,नेता जी सुनते ही एक चित्र मानसिक पटल पर बनती है ,खादी कुर्ता-पायजामा ,महगी गाड़ी ,बॉडीगॉर्ड इत्यादि लेकिन श्री बिजेंद्र शर्मा जी को लोअर ,टी-शर्ट में किसी भी गली के चौराहे पर सामाजिक कार्य की निगरानी करते, या फिर विकास के मुद्दों पर बात करते या समाज की आम लोगों की तरह विकास के कार्य में हिस्सा लेते देखा जा सकता है।
कॉलोनी के प्रधान श्री संजय सिंह जी ,जो वस्तुतः एक गृहस्त साधक हैं ,अपने अनिवचनिये मेघा ,सुदीर्ध संकल्प, शक्ति पूर्ण सौहार्द एबं अदम्य उत्साह के समन्यव से कॉलोनी का सिर्जन ,सम्पोषण एवं संवर्धन कर एक सुदीर्ह ,सुसक्त समाज का निर्माण किया है, जो आर डब्लू ए यमुना एन्क्लेव के नाम से जाना जाता है।
"अहनिर्श सेवामहे " आंचलिक अज्ञान तिमिर को तिरोभूत कर ज्ञान रूपी प्रकाश से अनुरंजित करती श्रीमती पूजा झा नारी सशक्तिकरण की जीवंत मूरत हैं वो बच्चों के शैक्षणिक विकाश के लिए चाइल्ड डेवेलपमेंट प्रोग्राम में अपना बहुमूल्य योगदान देती हैं ,जिसमें उनके अनगिनत सहयोगी श्री संतोष झा ,श्री जगन्नाथ साहू ,श्री नागेश्वर शर्मा एवं समाज के अन्य लोग भी बढ़ -चढ़ कर हिस्सा लेते हैं , यहाँ गणतंत्र दिवस ,स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है।
अन्य सामाजिक कार्य जैसे गलियों की मरम्त ,बिजली ,पानी ,वोटर कार्ड ,आधार कार्ड जैसे आधारभूत विकास कार्य के लिए एक सुसक्त वयवस्था की गयी है , पाण्डेय जी ,विष्णु जी ,अमित जी ,निशेष जी ,रणधीर जी ,उपाधयाय जी ,सुमित जी ,विमलेश जी ,सुजीत जी ,आशुतोष जी ,पार्थ सारथि जी जैसे अनगिनत विलच्छन प्रतिभाशाली व्यक्तित्तव सदैव तत्पर रहते हैं ।सबों को अपने कार्य के अनुसार विशेष पद से सम्मानित किया जाता है।
ज्ञानादि के उतंग स्रिंग पर अशीम ऊर्जा से ओतप्रोत श्री कमलेश झा इस सारे कार्य का नेतृव करते हैं।
हाँ , एक मुख्य रिवाज जो इस प्रेममय सरिता में मिठास डालने का कार्य करता है वो है , "वीकेंड लिट्टी चोखा प्रोग्राम " इसमें सभी एकत्रित होते हैं ,और उपले की आंच में लिट्टी चोखा बनाया जाता है और सभी निशाकर की सुहावनी वेला में इसका लुफ्त उठाते हैं ।
वैसे यह पूर्ण रूप से प्रकीर्ति की आँचल में वसा हुआ कॉलोनी है ,इसके पूर्व में तालाव तथा फार्म हाउस इसकी शोभा में चार चाँद लगा देती है।
यंहाँ प्रकीर्ति प्रेमियों के लिए जन्नत है ,कहीं खेतों में मक्के की वालियां तो कहीं सरसो की फूल ,मानो पिली साडी में धरती माँ सवंर सी गयी हो। यहाँ सब्जियाँ सस्ती और ताज़ी मिल जातीं है। शहरों के बीच यह जगह गांव की अनुभव दिलाती है।
सबमिलकर यहाँ के लोगों की अदम्य उत्साह ,आत्मिक सानिद्य सूत्र ,विलच्छन मेघा शक्ति स्वर्ण जड़ित हीरे जैसी है ,मैं इसे शब्दो में पीरों नहीं सकता। बस इसकी खुश्बू की कुछ बुँदे आप तक पहुंचने की कोशिश की है ,विशेष वहाँ जाकर ही अनुभव किया जा सकता है।
-पवन कुमार
(मानव संसाधन व्यवस्थापक )





Very beautiful and nicely you explained and thanks to you Pawan ji for your support and appreciation
ReplyDeleteअर डब्लू ऐ के द्वारा किए गए कार्य एवं विशेषता का वक्तब्य काफी सराहनीय और आप जनहित ।में लोगो के लिए भविष्य में काफी लाभन्त्व है।। धन्यबाद।
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteBahut bahut badiya bahut hi Acchi vichardhara likhi aapne.
ReplyDeleteThanks🙏
Deleteपवन जी आपने इस लेखन में इतने सुंदर शब्द प्रयोग किए मानो आपने आज के आधुनिक समय में हिंदी भाषा के स्तर को और भी उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया और हमें इस पर गर्व है, और इस लेखन में आपके विचार पढ़ कर लगा कि जैसे हम आज कल के भागादौड़ी के समय से निकाल कर फिर उस सुन्दर समय में वापिस आ गए जब हम पूर्ण रूप से मिट्टी से जुड़ा हुआ करते थे। हम नेता जी और RWA के सभी सदस्यों को भी धन्यवाद देते है जिनके द्वारा किए गए महत्त्वपूर्ण कार्यों के कारण ये स्टोरी बन पाई है। ये स्टोरी बहुत ही सराहनीय है और हम आशा करते है कि आगे भी सुंदर कहानियां हम पहुंचते रहेंगे धन्यवाद।
ReplyDeleteFrom Amit kumar Agrawal
Thanks a lot Amit ji for your support & appreciation, and assure you , i will always express my emotion & feeling through my blog.
Deleteअति सराहनीय कार्य कर रहे हैं जो काबिले तारीफ है
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